खेती को केवल यूरिया और डीएपी से पोषण नहीं मिलता। फसल को 18 आवश्यक पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान “चार आर सिद्धांत” (सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही स्थान) अपनाएँ तो उत्पादन में 25% तक बढ़ोतरी संभव है। संतुलित पोषण से मिट्टी की ताक़त बनी रहती है और खाद‑कीटनाशक पर 20–30% तक खर्च भी कम होता है। यह वैज्ञानिक तरीका किसानों को टिकाऊ खेती और बेहतर लाभ की ओर ले जाता है।

