“समझौता ज्ञापन से केंद्रीय कृषी मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (सीएफएमटीटीआई), बुदनी में कृषि यंत्रीकरण एवं महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा”
बुदनी, जिला सीहोर (म.प्र.), दिनांक 26 फरवरी 2026।
कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय कृषी मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (सीएफएमटीटीआई), बुदनी में आज मध्यभारत कंसोर्टियम (एमबीसीएफपीसीएल) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर सीएफएमटीटीआई, बुदनी की ओर से डॉ. बी. एम. नांदेडे, निदेशक सहित संस्थान के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं एमबीसीएफपीसीएल की ओर से श्री योगेश द्विवेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं श्री संदीप शुक्ला, प्रबंधक (क्षेत्रीय विकास) उपस्थित रहे।
यह समझौता प्रदेश के किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), महिला कृषकों एवं युवाओं को कृषि यंत्रीकरण, उन्नत कृषि उपकरणों, प्रसंस्करण तकनीकों तथा नवीन कृषि प्रौद्योगिकियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एमओयू के अंतर्गत, क्षेत्र विशेष आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, महिला अनुकूल कृषि यंत्रों पर विशेष प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन, कृषि यंत्रों का संचालन एवं रखरखाव प्रशिक्षण, ड्रजरी (परिश्रम) न्यूनीकरण एवं एर्गोनॉमिक्स आधारित उपकरणों का प्रसार, सौर ऊर्जा एवं गैर-पारंपरिक ऊर्जा उपकरणों के उपयोग पर जागरूकता, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम आदी प्रमुख गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी।
सीएफएमटीटीआई द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जाएंगे।
एमबीसीएफपीसीएल प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों, एफपीओ सदस्यों एवं इच्छुक प्रतिभागियों का चयन एवं नामांकन सुनिश्चित करेगा।
यह समझौता तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कार्यशालाएँ, प्रदर्शन कार्यक्रम, तकनीकी सेमिनार एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियाँ संचालित करेंगी।
इस अवसर पर निदेशक डॉ. बी. एम. नांदेडे ने कहा कि यह समझौता किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने और कृषि में श्रम कम करने वाली तकनीकों के प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एमबीसीएफपीसीएल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेश द्विवेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस साझेदारी से प्रदेश के लाखों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा कृषि उत्पादन, आय संवर्धन एवं रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित होंगे।
यह समझौता कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में संस्थागत समन्वय का एक सशक्त उदाहरण है, जो मध्यप्रदेश के किसानों को आधुनिक तकनीक, कौशल एवं नवाचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

