मध्य प्रदेश के दमोह जिले के खड़ैरी गांव के एक प्रगतिशील किसान, मुकेश पटेल, आज ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार की एक मिसाल बन गए हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर मुकेश ने एक ‘कस्टम हायरिंग केंद्र’ की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से वे क्षेत्र के लगभग 750 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध करा रहे हैं।
मुख्य आकर्षण:
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आधुनिक मशीनरी: केंद्र में 60 HP ट्रैक्टर, रोटावेटर, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और GPS लेजर लेवलर जैसे उन्नत उपकरण उपलब्ध हैं।
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किसानों को लाभ: इन मशीनों के उपयोग से खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष राहत मिली है।
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सरकारी सहयोग: इस उद्यम को भारत सरकार की 10 हजार FPO योजना और कृषि अभियांत्रिकी विभाग की सब्सिडी (लगभग 8.90 लाख रुपये) का मज़बूत समर्थन प्राप्त है।
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पर्यावरण संरक्षण: आधुनिक यंत्रों के उपयोग से नरवाई (पराली) प्रबंधन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
मुकेश पटेल का यह प्रयास साबित करता है कि अगर सही प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

